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Villagers Tie JIO Engineer to Pole! | UP Iss Hafte | Episode 2

45:32 recording · HI · 3 speakers

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Brief overview

पीआईबी ने केरल के पत्रकारों को यूपी का लॉ एंड ऑर्डर दिखाया, हकीकत उलट है।

  1. सरकारी मेहमान पत्रकार, बाकी के लिए जेलपीआईबी के बुलावे पर आए केरल के पत्रकारों की खातिरदारी हुई, जबकि चिद्दीप कप्पण को उसी राज्य में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
  2. गोंडा हत्या में सत्ता की अपनी ही मजबूरीफेसबुक पोस्ट की वजह से हुई विनोद साहनी की हत्या के बाद निषाद वोट बैंक बचाने के लिए मंत्री संजय निषाद को खुद धरने पर बैठना पड़ा।
  3. अदालतें गायब सीसीटीवी और जुर्मानों से चल रही हैंथानों में सीसीटीवी 'खराब' मिलता है, पांच लाख का जुर्माना अब यूपी में मशहूर आंकड़ा बन गया है और डीएम उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले जाते हैं।
Executive Summary AI
  • केरल के कुछ पत्रकार पीआईबी यानी सरकारी माध्यम से उत्तर प्रदेश पहुंचे और उनका इंटरैक्शन वहां के स्थानीय पत्रकारों से कराया गया, जबकि पिछली बार केरल का पत्रकार चिद्दीप कप्पण आया था तो उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था।
  • जिस दौरे में यूपी का मजबूत लॉ एंड ऑर्डर दिखाया जा रहा था, उसी वक्त गोंडा में विनोद साहनी की हत्या के कारण कई पत्रकार कवरेज पर चले गए और मंत्री खुद अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे थे।
  • वक्ताओं के मुताबिक यूपी के लॉ एंड ऑर्डर की असली परिभाषा जस्टिस श्रीधरण के दस महीने के कार्यकाल के आदेशों से निकलती है — थाने से गायब सीसीटीवी फुटेज, 'बंच ऑफ लायर्स' वाली टिप्पणी और नोएडा में आकृति चौधरी वाला मामला।
  • मुजफ्फरनगर के जज रवि कुमार दिवाकर ने चार-पांच महीनों में दस-ग्यारह मामलों में 23-24 लोगों को मौत की सजा सुनाई और अपने एक भाषण में योगी आदित्यनाथ की तुलना प्लेटो के फिलॉसफर किंग से की।
  • सहारनपुर में 1901 की बनी मस्जिद को 16 जुलाई को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने अवैध करार देकर गिरा दिया और मस्जिद प्रबंधन पर साढ़े छह करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगा दिया; मामला अब सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट तक पहुंचा है।