चेन्नई का नया हेड कोच ज़हीर खान — सीवी नहीं, सोच की स्पष्टता सही चुनाव है।
चुनाव CV से नहीं, स्वभाव से सही हैहोस्ट खुद कहते हैं कि CV is okay, it's not a great CV, फिर भी इसे phenomenal choice मानते हैं।
स्पष्टता और man management सबसे बड़ी ताकतन confusion, न mixed signals — सीधी सरल बात, और खिलाड़ियों के साथ खड़े होने का दम।
तेज़ गेंदबाज़ों की पूरी पीढ़ी अब कोचिंग-सेलेक्शन मेंनहरा, अगरकर, बाला जी, आरपी सिंग और अब जहीर — सब किसी न किसी बड़ी भूमिका में।
Executive SummaryAI
बिना किसी रूमर, बातचीत या गॉसिप के अचानक खबर आई कि चन्नेई सूपर केंग्स को नया हेड कोच मिल गया है और वो Zaheer Khan हैं।
यह उनकी चौथी फ्रैंचाइज़ है — दिल्ली के साथ captain come mentor, फिर लंबे समय Mumbai Indians के cricket director, उसके बाद LSG के mentor, और अब चन्नई।
होस्ट मानते हैं कि कोचिंग CV अभी बस ठीक-ठाक है, इसलिए ट्रॉफियों और आंकड़ों से आंकना अनुचित होगा; असली ताकत clarity of thought, सरल-स्पष्ट बात, man management, एडमिनिस्ट्रेशन और कप्तान के बीच का पुल बनना, खिलाड़ियों के लिए खड़े होना और limelight से दूर background में process पर focus करना है — जो माही वाली philosophy से मेल खाती है।
उसी दौर के तेज़ गेंदबाज़ आज बड़ी भूमिकाओं में हैं — आशीष नहरा गुचरा टाइटन्स के कोच, अजीत अगरकर चेर्मेन ऑफ नैशनल सेलेक्टर्स, बाला जी इंडिया ए के कोच, आरपी सिंग सेलेक्टर, और इनमें तीन lefty हैं।
इसके बाद एपिसोड 'पांच का पंच' की तरफ जाता है, जिसे नई एडिटर माधुरी ने एडिट किया है, और दर्शकों से लावा का फोन तथा राशित खान का साइन किया बैट जीतने के लिए गूगल फॉर्म भरने को कहा जाता है।